Subah

Voh honge koi aur jo

Subah roz hi ek hi samay par uth-te honge

Phir ghas phoos joos ka ghoont bhar

Ghanton riyaaz karte honge

 

Unke chehre ki chamak kehti hai

Ki aaj bahut varzish ki hai

Kisi ne lambi sawaari ya sair kar li

Hamne ab tak bas karvat badli

 

Suna hai log subah subah nahaate hain

Vyarth thanda thanda paani bahaate hain

Dheer Dharo, itni jaldi kya hai

Abhi to poora din pada hai

 

 

Chai ka kar rahein intezaar

Nahin hamaare liye voh gubaar

Itni subaah ki hadbadi se kya paaya

Baitho sang, abhi koi garam garam pyaala laaya

 

Khabar e kagaz der se aaye to kya hua

Facebook, twitter chale, yehi hai dua

Doston ki baatein, dushmanon ke dukh

Naye puraane rone, aate jaate nayansukh

 

Yeh subah hi to hamaara inaam

Jiske liye din bhar khat-te, karte kaam

Dheeme dheeme khule voh pankhuri

Hamaari subah aisi udaan se judi

 

 

 

वोह  होंगे  कोई  और  जो

सुबह  रोज़  ही  एक  ही  समय  पर  उठते  होंगे

फिर  घास फूस जूस  का  घूँट  भर

घंटों  रियाज़  करते  होंगे

 

उनके  चेहरे  की  चमक  कहती  है

कि  आज  बहुत  वर्जिश  की  है

किसी  ने  लम्बी सवारी या  सैर  कर  ली

हमने  अब  तक  बस  करवट  बदली

 

सुना  है  लोग   सुबह  सुबह  नहाते  हैं

व्यर्थ  ठंडा  ठंडा  पानी  बहाते  हैं

धीर धरो  , इतनी  जल्दी  क्या  है

अभी  तो  पूरा  दिन  पड़ा  है

 

 

चाय  का  कर  रहे  इंतज़ार

नहीं  हमारे  लिए  वो  गुबार

इतनी   सुबह  की  हड़बड़ी  से  क्या पाया

बैठो संग, अभी कोई गरम गरम प्याला लाया

 

खबर  ए  कागज़  देर  से  आये  तो  क्या  हुआ

Facebook , ट्विट्टर  चले , येही  है  दुआ

दोस्तों  की  बातें , दुश्मनों  के  दुःख

नए  पुराने  रोने , आते  जाते  नयनसुख

 

यह  सुबह  ही  तो  हमारा  इनाम

जिसके  लिए  दिन  भर  ख़त -ते , करते  काम

धीमे  धीमे  खुले  वोह  पंखुरी

हमारी  सुबह  ऐसी   उड़ान  से  जुडी

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