Sita Meets Ram

Saj rahi thi saari nagari
chhalak rahi thi man ki gagri
Sita ka swayamwar tha racha
Charon aur kautohal tha macha

Raja gan sab door se aaye
Guruvar sang rajkumar laaye
Sita chunti apna var jab
Pooch taachh kar paye, tab

Kucch to raja bade bekaar
Maano jeevan se kha gaye ho haar
Kuchh the raaja aise khoonkhar
Maano abhi kar padenge Vaar

In sab ke beech Ram ko paaya
Jyon na koi dosh, na koi maya
Anya sang taal mila na paaoon
Ram ke sang to jangal bhi jaaoon

Anjaane kya bol baithi kumaari
Yeh shabd kitne padenge bhaari
Itna kintu sahi pehchaana
Ram sang ho paayega sam taal bithaana

Yogya var ke hote lakshan chaar
Kahe Sita mere Anusaar
Sakhshya ka Satya, Nij Tej Vichaar,
Sundar Swabhaav, Sanchaalit Aachhar.

Karte log Raam ka Gun Gaan
Kaise Janoon main yeh sat ya maan,
Sujaan Naari ka hai yeh kaam
Swayam Parakhe phir kare khud Thaan

Kuchh apna sa, kucchh alag vichaar
Kucch maanein, kucch manvaayein aachaar,
Kuchh hoti hain aisi baatein
Milkar jo ham nirnay paatein

Agar Banoongi unki Rani
Na chalegi Bikhari man maani
Milkar unse baat karoongi
Kitna Suntein hain, yeh hi sunoongi

Sita ne Mandir ka nyota bheja
Gauri Poojan ka thaal saheja
Baatein karein chun chun donon
Raah Safar ki bun bun donon

 

सज  रही  थी  सारी नगरी

छलक  रही  थी  मन  की  गगरी

सीता  का  स्वयंवर  था  रचा

चारों  ओर  कौतोहल था  मचा

 

राजा  गण सब  दूर  से  आये

गुरुवर संग  राजकुमार  लाये

सीता  चुनती  अपना  वर  जब

पूछ  ताछ  कर  पाए , तब

 

कुच्छ  तो  राजा  बड़े  बेकार

मानो  जीवन  से  खा  गए  हो  हार

कुछ  थे  राजा  ऐसे  खूंखार

मानो  अभी  कर  पड़ेंगे  वार

 

इन  सब  के  बीच  राम  को  पाया

ज्यों  न  कोई  दोष , न  कोई  माया

अन्य  संग  ताल  मिला  न  पाऊँ

राम  के  संग  तो  जंगल  भी  जाऊं

 

अनजाने  क्या  बोल  बैठी  कुमारी

यह  शब्द  कितने  पड़ेंगे  भारी

इतना  किन्तु  सही  पहचाना

राम  संग  हो  पायेगा  सम  ताल  बिठाना

 

योग्य  वर  के  होते  लक्षण  चार

कहे  सीता  मेरे  अनुसार

सख्श्य  का  सत्य , निज  तेज  विचार ,

सुन्दर  स्वभाव , संचालित  आचार

 

करते  लोग  राम  का  गुण  गान

कैसे  जानूं  मैं  यह  सत या  मान ,

सुजान  नारी  का  है  यह  काम

स्वयं  परखे  फिर  करे  खुद  ठान

 

कुछ  अपना  सा , कुछ  अलग  विचार

कुछ   मानें , कुछ मनवायें  आचार ,

कुछ  होती  हैं  ऐसी  बातें

मिलकर  जो  हम  निर्णय  पातें

 

अगर  बनूंगी  उनकी  रानी

न  चलेगी  बिखरी  मन  मानी

मिलकर  उनसे  बात  करूंगी

कितना  सुनतें  हैं , यह  ही  सुनूंगी

 

सीता  ने  मंदिर  का  न्योता  भेजा

गौरी  पूजन  का  थाल  सहेजा

बातें  करें  चुन  चुन  दोनों

राह  सफ़र  की  बुन  बुन  दोनों

 

 

Advertisements