Ma Bani

Ma bani to yeh jaana

 

Ki raatein lambi pal mein kat jaati hain

Din kabhi khatam nahin hote

 

Taarein kucch jud jaati

Tarkeebein umad umad ke aati

 

Raahat aane ki bhi aur jaane ki bhi

Par chain to bas daras se hi

 

Aahat apni dhadkanon mein paate

Chahe oopar se jitna hi sakht ban jaate

 

Kai surangein khudi hai idhar

Teh ki ab bhi nahin hai khabar

 

Uth kar yahan se ek din Jaana to hoga

Warna ma ka pyaar ik pinjra na hoga?

 

माँ  बनी  तो  यह  जाना

 

कि  रातें  लम्बी  पल  में  कट  जातीं   हैं

दिन  कभी  ख़तम  नहीं  होते

 

तारें  कुच्छ  जुड़  जातीं

तरकीबें  उमड़  उमड़  के  आतीं

 

राहत  आने  की  भी  और  जाने  की  भी

पर  चैन  तो  बस  दरस  से  ही

 

आहट  अपनी धडकनों  में  पाते

चाहे  ऊपर  से  जितना  ही  सख्त  बन  जाते

 

कई  सुरंगें  खुदी  है  इधर

तह  की  अब  भी  नहीं  है  खबर

 

उठ  कर  यहाँ  से  एक  दिन  जाना  तो  होगा

वरना  माँ  का  प्यार  इक  पिंजरा  न  होगा ?

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